Dard • Tanhai • Yaadein
तन्हाई के रंग
दर्द छुपाना अब आदत बन गई है,
मुस्कुराहट भी बस एक नकाब हो गई है।
तन्हाई में रोने की भी एक वजह चाहिए,
पर अब तो आँसू भी थक चुके हैं शायद।
तुझे भूलने की कोशिश में,
खुद को ही खोता जा रहा हूँ।
रात गहरी है और नींद कहीं खो गई,
जैसे तेरे जाने के साथ चैन भी चला गया।
जो साथ निभाने की कसम खाई थी,
वही आज सबसे पहले रुख़सत हो गया।
दिल टूटा है तो आवाज़ नहीं आई,
पर अंदर ही अंदर सब कुछ बिखर गया।
हर मुस्कान के पीछे एक कहानी छुपी होती है,
जिसे कोई पढ़ नहीं पाता।
बेवफ़ाई का दर्द भी अजीब होता है,
हँसते हुए भी रुला देता है।
जिसे अपना समझा था सबसे ज़्यादा,
वही सबसे बड़ा अजनबी निकला।
खामोशी में भी एक चीख़ छुपी होती है,
जिसे सुनने वाला कोई नहीं होता।
तेरे बिना ये शामें अब काटे नहीं कटतीं,
हर पल एक सज़ा सी लगती है।
आँसू पोंछने वाला कोई नहीं था,
तो खुद ही अपने हाल पर हँस दिया।
जुदाई का ग़म इतना गहरा है,
कि अब खुशियाँ भी बेगानी लगती हैं।
वक़्त ने सब कुछ बदल दिया,
सिवाय उस दर्द के जो दिल में रह गया।
तेरे जाने के बाद ये एहसास हुआ,
कि तन्हाई सबसे बड़ी सज़ा होती है।
हर रिश्ता निभाना आसान नहीं होता,
कुछ रिश्ते बस टूटने के लिए बनते हैं।
दिल की बात कहने का हौसला नहीं था,
तो आँखों ने खामोशी से सब कह दिया।
तेरी यादें अब सिर्फ दर्द देती हैं,
मुस्कान की जगह आँसू ले आती हैं।
जिस मोहब्बत पर सबसे ज़्यादा भरोसा था,
वही सबसे बड़ा धोखा दे गई।
अकेलापन अब साथी बन गया है,
क्योंकि हर कोई एक दिन छोड़ जाता है।
टूटे हुए दिल को जोड़ना आसान नहीं,
निशान तो हमेशा के लिए रह ही जाते हैं।
तेरे बिना गुज़रा हर दिन,
जैसे सज़ा काटने जैसा लगता है।
जो कभी सबसे करीब था,
आज वही सबसे दूर हो गया।
दर्द बयां करने के लिए अल्फ़ाज़ भी कम पड़ जाते हैं,
कुछ ग़म बस महसूस किए जाते हैं।
मोहब्बत में सब कुछ दांव पर लगा दिया,
पर आखिर में हाथ सिर्फ खालीपन आया।
रोने की भी इजाज़त नहीं मिलती कभी-कभी,
क्योंकि दुनिया कमज़ोर समझ लेती है।
जिसे सबसे ज़्यादा चाहा था,
उसी ने सबसे ज़्यादा तोड़ दिया।
अब उम्मीदें बांधना भी डर लगता है,
क्योंकि टूटने का दर्द बहुत गहरा होता है।
तेरे बिना ये दुनिया बेरंग सी लगती है,
हर खुशी अधूरी सी महसूस होती है।
दिल ने कब का हार मान ली थी,
बस दिमाग़ अब तक लड़ रहा था।
तन्हा रातों में सिर्फ यादें साथ देती हैं,
और वो भी दर्द बनकर लौट आती हैं।
जो वादे किए थे साथ निभाने के,
वही सबसे पहले टूट गए।
आँखों में आँसू और चेहरे पर मुस्कान,
यही तो है सबसे बड़ा झूठ ज़िंदगी का।
तेरे जाने से जो खालीपन आया है,
वो शायद कभी भर नहीं पाएगा।
हर बार खुद को समझाना पड़ता है,
कि अब आगे बढ़ना ही होगा।
बेवजह की मुस्कान भी अब आदत बन गई,
ताकि कोई मेरा दर्द न देख सके।
जो साथ चलने का वादा किया था,
वही आधे रास्ते में छोड़ गया।
दर्द को छुपाने में माहिर हो गया हूँ,
क्योंकि किसी को दिखाना भी अब गवारा नहीं।
तेरी बेरुख़ी ने सिखा दिया,
कि हर किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
जो कल तक सबसे अपना था,
आज उसका नाम लेना भी अजनबी लगता है।
दिल के ज़ख्म वक़्त के साथ भर तो जाते हैं,
पर निशान हमेशा याद दिला देते हैं।
तेरी बेवफ़ाई ने मुझे बहुत कुछ सिखा दिया,
अब किसी पर आसानी से यकीन नहीं करता।
हर रात तन्हाई से लड़ना पड़ता है,
और हर सुबह फिर से जीना पड़ता है।
जो मोहब्बत सबसे सच्ची लगती थी,
वही सबसे बड़ा धोखा निकली।
दिल टूटने की आवाज़ किसी को सुनाई नहीं देती,
बस अंदर ही अंदर सब बिखर जाता है।
तेरे जाने के बाद समझ आया,
कि अकेले रहना भी एक हुनर है।
हर मुस्कान के पीछे छुपे आँसुओं को,
सिर्फ वही समझ सकता है जो खुद टूटा हो।
जिसे सबसे ज़्यादा याद किया,
उसने ही सबसे ज़्यादा भुला दिया।
दर्द सहना अब आसान हो गया है,
क्योंकि रोना भी बेकार लगने लगा है।
जो कभी मेरी दुनिया था,
आज बस एक याद बनकर रह गया।
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